हिंदू धर्मग्रंथों, विशेषकर गरुड़ पुराण और श्रीमद्भागवत पुराण में ब्रह्मांड की न्याय व्यवस्था का बड़ा ही सटीक वर्णन मिलता है। इस व्यवस्था में 'नरक' कोई काल्पनिक स्थान नहीं, बल्कि एक ऐसा आयाम है जहाँ आत्मा को अपने पिछले जन्मों के 'कुसंस्कारों' और 'पापों' का शुद्धिकरण करना पड़ता है। इन्हीं में से एक अत्यंत कष्टदायक नरक है— रौरव
Click here to read the full story
।
0 Comments
इस ब्लॉग का उद्देश्य गरुड़ पुराण और धार्मिक ग्रंथों की जानकारी साझा करना है।
कृपया कमेंट में किसी भी प्रकार की अभद्र भाषा या गलत शब्दों का प्रयोग न करें।
धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने वाले कमेंट्स को तुरंत हटा दिया जाएगा।
अपनी राय देते समय मर्यादा का पालन करें और विषय से संबंधित ही बात करें।
कमेंट में अपना नाम और 'जय श्री कृष्णा' जरूर लिखें।